दों औरतें बातें कर रही थी,
,
क्या करें कुछ समझ मे नही आता
मंगलसूत्र पहनो तो "चोरों" की नजर
.
.
.
न पहनो तो "छोरों" की नजर ||
😍😍😍😂
,
क्या करें कुछ समझ मे नही आता
मंगलसूत्र पहनो तो "चोरों" की नजर
.
.
.
न पहनो तो "छोरों" की नजर ||
😍😍😍😂
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा।
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई।।
अर्थात ;- अयोध्याजी के राजा श्री रामचंद्रजी को मन में रख कर जो सब काम करता है उसके लिये विष भी अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं, समुद्र गाय के खुर जितना छोटा हो जाता है, अग्नि में शीतलता आ जाती है।
professional website click on this link. click here website demo
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें